बांग्लादेश में डेंगू के प्रकोप से पांच और लोगों की मौत, मरने वालों की संख्या बढ़कर 107
ढाका, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में बुधवार को डेंगू के प्रकोप से कम से कम पांच और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल मच्छर जनित बीमारी से मरने वालों की संख्या 107 हो गई है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, बुधवार सुबह से पहले के 24 घंटों में मौतों की सूचना मिली, जबकि इसी अवधि के दौरान देशभर में 1,110 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बांग्लादेशी दैनिक यूएनबी की रिपोर्ट के अनुसार, डीजीएचएस ने बताया कि नवीनतम मौतें ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन (डीएनसीसी), मयमनसिंह और बरिशाल डिवीजनों में दर्ज की गईं।
स्वास्थ्य संकट के बढ़ते प्रकोप के बीच, बांग्लादेश में इस साल अगस्त में डेंगू संक्रमण में तेजी से वृद्धि देखी गई, जो 2000 में देश में पहले बड़े प्रकोप के बाद से मामलों और मौतों की तीसरी सबसे बड़ी मासिक संख्या दर्ज की गई, क्योंकि बीमारी में लगातार वृद्धि जारी है।
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने डेंगू से संबंधित 43 मौतें और 20,536 अस्पताल में भर्ती होने के मामले दर्ज किए गए, जिससे यह पिछले 26 वर्षों में मामलों और मौतों दोनों के मामले में तीसरा सबसे अधिक प्रभावित महीना बन गया है।
डेंगू बांग्लादेश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभरा है। यह मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर से फैलता है।
जहांगीरनगर विश्वविद्यालय में प्राणीशास्त्र के प्रोफेसर कबीरुल बशर ने कहा कि अक्टूबर तक मामलों की संख्या में वृद्धि जारी रह सकती है।
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे मोहल्ले के स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करें और मच्छर नियंत्रण को तेज करने, सामुदायिक लामबंदी और जागरूकता अभियानों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करें।
ढाका स्थित राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के कीटविज्ञानी जीएम सैफुर रहमान ने कहा कि देश भर में अपर्याप्त मच्छर-विरोधी अभियान अगले दो महीनों में मामलों में और वृद्धि के जोखिम में योगदान दे रहे हैं।
शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एचएम नजमुल अहसान ने कहा कि डेंगू से होने वाली मौतों के पीछे कई कारक जिम्मेदार होते हैं, जिनमें मरीज की स्थिति, वायरस और चिकित्सा प्रबंधन की गुणवत्ता शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "जब तक मरीज सरकारी आपातकालीन विभाग तक पहुंचते हैं, तब तक कुछ लोगों का रक्तचाप बेहद कम या नगण्य हो जाता है।"
--आईएएनएस
एबीएम
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