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शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के बाद शाकिब अल हसन के घर पर हमला

07:47 AM Aug 06, 2026 IST | News Desk
शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के बाद शाकिब अल हसन के घर पर हमला
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नई दिल्ली/ढाका, 6 अगस्त (आईएएनएस)। नई दिल्ली में बुधवार को पिछले दो वर्षों से भारत में निर्वासन का जीवन बिता रहीं बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में ऑडियो लिंक के जरिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश लौटने की इच्छा जताई थी। इसके कुछ ही घंटों बाद बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के पैतृक आवास पर बुधवार रात पेट्रोल बम से हमला किया गया।

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दरअसल यह घटना भारत में शेख हसीना के साथ वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब अल हसन की मौजूदगी के बाद हुई। स्थानीय समयानुसार रात करीब 8:45 बजे मगुरा शहर के केशबमोर इलाके स्थित शाकिब अल हसन के पैतृक घर को निशाना बनाया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घर के दक्षिणी हिस्से में लोहे के गेट के ऊपरी भाग पर पेट्रोल बम फेंका गया। हमलावरों ने घर में तोड़फोड़ भी की।

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घटना की सूचना मिलने के बाद मगुरा सदर पुलिस थाने की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस फिलहाल यह पुष्टि नहीं कर पाई है कि हमले के पीछे कौन लोग थे।

मगुरा सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (ओसी) अब्दुल अल मामून ने कहा, "हम मामले की जांच कर रहे हैं। इस समय यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि यह पेट्रोल बम था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।"

अवामी लीग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की कीमत घरों को जलाकर चुकाई जा रही है। नव-फासीवाद ने बांग्लादेश को घेर लिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विश्व प्रसिद्ध क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर हुआ यह हमला एक सुनियोजित कार्रवाई है। बयान में कहा गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी ने मीडिया संस्थानों को कार्यक्रम की रिपोर्टिंग पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी।

78 वर्षीय शेख हसीना ने वर्चुअल संबोधन में घोषणा की कि वह दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी हत्या कर सकते हैं लेकिन मैं अपने लोगों के बीच लौटूंगी। लोकतंत्र की बहाली के लिए वह गिरफ्तारी या मौत का सामना करने को भी तैयार हैं। मेरी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाने के लिए है।

शेख हसीना 5 अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। उस समय बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद उनकी सरकार गिर गई थी और उन्हें ढाका छोड़ना पड़ा था। पिछले वर्ष नवंबर में ढाका की एक विशेष अदालत ने 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद से बांग्लादेश कई बार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है।

शेख हसीना ने कहा, "डर अब घरों, कार्यस्थलों और शिक्षण संस्थानों तक पहुंच गया है। यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था। मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लोकतंत्र और न्याय की लड़ाई में बांग्लादेश के लोगों का साथ देने की अपील करती हूं। संगठित समूहों ने जन आंदोलनों को जानबूझकर हिंसक राजनीतिक अभियान में बदल दिया।"

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना और उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोफेल के अलावा अवामी लीग के कई नेता भी वर्चुअली शामिल हुए।

भारत से शेख हसीना के संबोधन का फैसला पहले ही एक कूटनीतिक मुद्दा बन चुका है। बांग्लादेश इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर नई दिल्ली से स्पष्टीकरण मांग चुका है।

--आईएएनएस

वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

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News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.

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