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शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने पीएम मोदी का जताया आभार, बोले- भारत ने दिया पूरा सम्मान

11:11 PM Aug 05, 2026 IST | News Desk
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने पीएम मोदी का जताया आभार  बोले  भारत ने दिया पूरा सम्मान
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नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को ऑडियो लिंक के जरिए नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित क‍िया। इस दैरान हसीना के बेटे और पूर्व सलाहकार सजीब वाजेद जॉय भी ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में अमेरिका से जुड़े।

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बातचीत के दौरान जॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उनकी मां को 'पूरा सम्मान दिया है, और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।'

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सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि उनकी मां की भारत में बहुत अच्छी देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि हसीना की प्रस्तावित बांग्लादेश वापसी को लेकर ढाका सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, "हम बांग्लादेश सरकार के संपर्क में नहीं हैं। वह यह फैसला खुद ले रही हैं, चाहे बांग्लादेश सरकार की इच्छा कुछ भी हो।"

जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहां आईएसआई समेत विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवादी तत्व खुले तौर पर सक्रिय हैं।

जब उनसे दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की हाल की ढाका यात्रा और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ उनकी मुलाकात के बारे में पूछा गया तो जॉय ने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया।

उन्होंने कहा, "इस समय अमेरिका का मुख्य ध्यान व्यापार बढ़ाने पर है। उसका फोकस लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर नहीं है, इसलिए यह अमेरिका के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है।"

वॉशिंगटन और पाकिस्तान के बढ़ते संपर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर जॉय ने कहा कि नई सरकारों के आने के साथ नीतियां बदलती रहती हैं और कुछ साल पहले स्थिति अलग थी।

उन्होंने कहा, "ये चीजें बहुत तेजी से बदल सकती हैं।"

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी मौजूद थे।

इस दौरान शेख हसीना ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत हमेशा 'एक अच्छा दोस्त' रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश लौटने का उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है और इस बारे में उन्होंने भारत सरकार से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया है।

सवालों का जवाब देते हुए हसीना ने कहा, "भारत हमेशा एक अच्छा और भरोसेमंद दोस्त रहा है और मुझे विश्वास है कि आगे भी रहेगा। मैं अपने देश और अपने लोगों के पास वापस जाना चाहती हूं। यह किसी सरकार का नहीं, बल्कि मेरा व्यक्तिगत फैसला है।"

हसीना ने कहा, "कुछ भी हो सकता है। वे मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे जाना होगा। मुझे सिर्फ अपने लोगों का समर्थन चाहिए।"

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि वह दिसंबर में किसी समय अपने देश लौटना चाहती हैं, हालांकि उन्होंने कोई निश्चित तारीख या समय नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी फैसला है और इसमें भारत सरकार से कोई चर्चा शामिल नहीं है।

हसीना फिलहाल भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं। वर्ष 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा। बाद में उनके खिलाफ मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई गई।

उन्होंने कहा, "उन्होंने हमारी जीत और मुक्ति संग्राम से जुड़े सभी प्रतीकों को नष्ट कर दिया है। हमें उन्हें फिर से वापस लाना होगा। मैं उस गौरव को दोबारा लौटाना चाहती हूं।"

हसीना ने एक गुप्त स्थान से ऑडियो लिंक के जरिए यह बात की। कार्यक्रम स्थल पर लगी स्क्रीन पर उनकी तस्वीर दिखाई नहीं गई।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

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News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.

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