भारत ने नेपाल के मंत्री को सौंपी राहत और बचाव सामग्री
काठमांडू, 9 सितंबर (आईएएनएस)। भारत द्वारा भेजी गई राहत और बचाव सामग्री, जिसमें टनल रेस्क्यू और फॉरेंसिक आपूर्ति की सामग्री भी शामिल है, बुधवार को नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "राहत और बचाव सामग्री के साथ 8वीं भारतीय उड़ान, जिसमें टनल रेस्क्यू और फॉरेंसिक आपूर्ति की सामग्री भी शामिल है, काठमांडू पहुंची और नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई।"
भारत ने 26 अगस्त से आठ विशेष उड़ानों के माध्यम से नेपाल को राहत सामग्री, उपकरण और विशेषज्ञ कर्मियों की आपूर्ति में तेजी लाई है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत विनाशकारी फ्लैश बाढ़ के मद्देनजर चल रहे बचाव और राहत अभियानों के समर्थन में नेपाल को मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए है। मानवीय सहायता ले जाने वाली भारतीय वायु सेना की आठवीं उड़ान आज काठमांडू पहुंची।"
एमईए के अनुसार, नेपाल के चल रहे बचाव, राहत और फॉरेंसिक अभियानों का समर्थन करने के लिए भारत से 54 विशेषज्ञ कर्मियों की तैनाती के अलावा 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी गई है।
एमईए ने एक बयान में कहा, "अस्थायी आश्रयों, कंबलों, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और दवाओं से युक्त मानक राहत सामग्री के अलावा, भारतीय पक्ष ने विशेष वस्तुएं और उपकरण भी प्रदान किए हैं, जैसे: (i) टनल और मड रेस्क्यू उपकरण, जिसमें मड रेस्क्यू सूट, गैस डिटेक्टर, श्वास उपकरण, इन्फ्लेटेबल वॉकवे आदि शामिल हैं। (ii) डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए डीएनए किट, अभिकर्मक और उपकरण; और (iii) पोर्टेबल जेनसेट, लाइटिंग टावर और डीवाटरिंग पंप जैसी वस्तुएं।"
भारत की विशेष टनल बचाव टीम ने शुरू में नेपाल में दो स्थानों - चिलिमे और लांगटांग - पर नेपाली सेना के साथ समन्वय में अपना अभियान शुरू किया था।
एमईए ने कहा, "चल रहे खोज प्रयास अब चिलिमे में केंद्रित हैं, जहां इलाके, कठिन पहुंच की स्थिति और सुरंग की ढलान ने चुनौतियां पेश की हैं। भारतीय टनल बचाव दल अपने काम में दृढ़ रहा है और मैनुअल प्रयासों और नवीन तकनीकों के उपयोग से अच्छी प्रगति सुनिश्चित की है।"
इसने कहा कि प्रगति को बढ़ाने के लिए एक अस्थायी रास्ता तैयार किया जा रहा है, जिससे उत्खनन जैसी भारी मशीनरी सुरंग तक पहुंच सकेगी।
इस ट्रैक के निर्माण में भी उत्साहजनक प्रगति देखी जा रही है और इसके अगले दो से तीन दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा, "भारतीय फॉरेंसिक टीम नेपाल अधिकारियों के विशेषज्ञों के सहयोग से डीएनए नमूनों की जांच और विश्लेषण के लिए काठमांडू में दो प्रयोगशालाओं में काम कर रही है। भारत द्वारा प्रदान किए जा रहे फॉरेंसिक प्रयोगशाला उपकरण, डीएनए किट और अभिकर्मक चल रहे प्रयासों का समर्थन करेंगे।"
--आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

Join Channel