ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर का भारत दौरा, व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर होगी अहम चर्चा
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। ब्रिटेन की विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों की मंत्री यवेट कूपर बुधवार को दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचेंगी। इस दौरान वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी और गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, रक्षा सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी विचार करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में नियमित प्रेस ब्रिफिंग के दौरान कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग केवल मुक्त व्यापार समझौते तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री पीटर काइल के साथ बैठक की थी। उन्होंने बातचीत को काफी उम्दा करार दिया था। बैठक में भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग के अगले चरण, साझा व्यापारिक प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। पीयूष गोयल ने इस वार्ता को सकारात्मक और भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
भारत और ब्रिटेन के बीच जुलाई 2025 में व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में तेजी आई है। इस समझौते को दोनों देशों के व्यापार और निवेश सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हाल ही में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन पॉवेल के बीच 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक संवाद भी आयोजित हुआ था।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर कहा, "इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया था।"
पॉवेल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात कर क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बात की थी साथ ही द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था।
--आईएएनएस
केआर/
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