Iran Missile Attack US Base: ईरान ने अमेरिकी गोला बारूद डिपो पर किया ड्रोन हमला, लोगों ने स्टॉक किया सामान
अमेरिका और ईरान के बीच जंग लगातार तेज हो रही है और आठवीं रात ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। ईरान के कई शहरों में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है वहीं पलटवार में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कुवैत में सैन्य अड्डों पर ड्रोन से हमला किया है। कुवैत पर लगातार हमले का सायरन बज रहे है और सेना भी अलर्ट पर है। बिगड़ते हालात को देखते हुए लोगों ने खाने पीने का सामान स्टॉक करना शुरू कर दिया है।
अल सलेम एयर बेस पर हमला

ईरानी सेना ने बताया कि कामिकाजे ड्रोन के जरिए कैंप उदैरी में स्थित अमेरिकी सेना के गोला-बारूद भंडार, अली अल सलेम एयर बेस पर तैनात पैट्रियट रडार सिस्टम और एयर सर्विलांस रडार को निशाना बनाया। ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कोई और सैन्य कार्रवाई की, तो ईरानी सेना निर्णायक और विनाशकारी जवाब देंगे। साथ ही अमेरिका को ग्रेट सैटन यानी महाशैतान बताते हुए विश्वासघाती और धोखेबाज दुश्मन होने का आरोप लगाया।
50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात
मिडिल ईस्ट में लगातार तेज हो रही जंग के बाद मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और सभी सैनिक पूरी तरह सतर्क हैं किसी भी अभियान के लिए तैयार हैं और क्षेत्र में संभावित खतरे का जवाब देने की क्षमता रखते हैं। बढ़ते तनाव को देखकर सेना के जवान अलर्ट मोड पर तैनात है। वहीं कुवैत में बिजली और जल संयंत्र को निशाना बनाने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है और जरूरी खाने पीने का सामान स्टॉक करने की होड़ मच गई है।
दो अमेरिकी सैनिक की मौत
ईरान के हमले में दो अमेरिकी सैनिक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आ गए थे जिसमें दोनों की मौत हो गई है और एक अन्य सैनिक अभी भी लापता है। इन नए हमलों के साथ अमेरिकी-इजरायली जंग में मारे गए अमेरिकी सैन्य कर्मियों की संख्या 16 हो गई है। इन दो सैनिक की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जंग नया मोड़ ले सकती है और अधिक भीषण हो सकती है।

Join Channel