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'ईरानी एजेंट्स रच रहे थे अमेरिकी राजनेताओं की हत्या का षड्यंत्र', रूबियो के इस बयान को बाघेई ने बताया 'बेतुका'

04:55 PM Jun 03, 2026 IST | News Desk
 ईरानी एजेंट्स रच रहे थे अमेरिकी राजनेताओं की हत्या का षड्यंत्र   रूबियो के इस बयान को बाघेई ने बताया  बेतुका
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वाशिंगटन/तेहरान, 3 जून (आईएएनएस)। तेहरान ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस बयान को सिरे से खारिज किया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिकी राजनेताओं, यहां तक कि राष्ट्रपति तक की हत्या का षड्यंत्र ईरानी एजेंटों ने रचा था।

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ईरान ने आरोपों को बेतुका और बेबुनियाद करार देते हुए इसे "युद्ध अपराधों से ध्यान भटकाने की कोशिश" बताया। रूबियो ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश विभाग और संबंधित कार्यक्रमों पर बनी हाउस एप्रोप्रियेशन्स सबकमेटी के सामने अपनी राय जाहिर की थी।

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ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रूबियो के बयान का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि "हर आरोप एक स्वीकारोक्ति है।" उन्होंने आगे कहा कि "खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश ईरान के खिलाफ किए गए युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों को छुपा नहीं सकती।"

रूबियो ने अपने बयान में कहा था कि कुछ व्यक्तियों को इस तरह की साजिशों में शामिल होने के आरोप में दोषी ठहराया गया है, जिनमें ईरानी एजेंटों की अमेरिकी धरती पर राजनीतिक नेताओं की हत्या की कथित योजना शामिल है।

इसके जवाब में ईरान ने इन दावों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि को सुधारने के लिए ऐसे आरोपों का सहारा ले रहा है। ईरानी पक्ष ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयों के दौरान नागरिकों को निशाना बनाया है।

ईरान ने अपने बयान में हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि फरवरी 28 को मिनाब में एक स्कूल पर मिसाइल हमले में 170 से अधिक बच्चों और शिक्षकों की मौत हुई थी। ईरान ने इस घटना को “मानवाधिकार उल्लंघनों” का उदाहरण बताया।

बयानबाजी ऐसे दौर में हो रही है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीजफायर नियमों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। बुधवार को ही कुवैत के हवाई अड्डे पर हमला हुआ जिसमें एक शख्स की मौत हो गई। आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा था कि उसने अमेरिकी प्रतिष्ठानों या उनकी मदद करने वाले देश पर जवाबी कार्रवाई की। आरोप लगाया कि अमेरिकी बलों ने केश्म द्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित उसके एक संचार टॉवर पर हवाई हमला किया था।

संगठन ने कहा कि इसके जवाब में उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने क्षेत्र के एक देश में मौजूद अमेरिकी हवाई एवं हेलीकॉप्टर अड्डे और अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि ईरान की ओर से किसी देश का नाम नहीं बताया गया था।

--आईएएनएस

केआर/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

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