W3Schools
For the best experience, open
https://m.punjabkesari.com
on your mobile browser.
Advertisement

काहिरा में 'प्राचीन राजधानियों की सभ्यताओं का संवाद' कार्यक्रम शुरू

09:03 PM Jun 03, 2026 IST | News Desk
काहिरा में  प्राचीन राजधानियों की सभ्यताओं का संवाद  कार्यक्रम शुरू
Advertisement

बीजिंग, 3 जून (आईएएनएस)। 2026 'प्राचीन राजधानियों की सभ्यताओं का संवाद' अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान गतिविधि का उद्घाटन 1 जून को मिस्र की राजधानी काहिरा में हुआ।

Advertisement

'सभ्यता की उत्पत्ति से भविष्य की कल्पना तक: प्राचीन राजधानियों की सभ्यताओं का संवाद (काहिरा-हांगचो)' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में चीन और मिस्र के सरकारी विभागों, सांस्कृतिक विरासत संस्थानों, विश्वविद्यालयों, थिंक टैंक और अकादमिक जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

Advertisement

मिस्र के राष्ट्रीय सभ्यता संग्रहालय में आयोजित इस कार्यक्रम में सभ्यताओं की उत्पत्ति, ऐतिहासिक चिंतन, संग्रहालयों की भूमिका और ज्ञान प्रसार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।

अपने उद्घाटन भाषण में मिस्र स्थित चीनी दूतावास के मिनिस्टर चांग याछ्यांग ने कहा कि चीन और मिस्र विश्व की प्राचीन सभ्यताओं वाले देश हैं, जिनका इतिहास बेहद समृद्ध और गौरवशाली रहा है।

उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से दोनों सभ्यताएं एक-दूसरे से सीखती रही हैं और साथ मिलकर आगे बढ़ी हैं। इससे विश्व सभ्यता के आदान-प्रदान के इतिहास में एक सुंदर अध्याय जुड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष चीन और मिस्र के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। ऐसे में यह कार्यक्रम दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और पारंपरिक मित्रता को और मजबूत करेगा तथा नए युग में साझा भविष्य वाले चीन-मिस्र समुदाय के निर्माण के लिए जनसमर्थन को बढ़ाएगा।

मिस्र के राष्ट्रीय सभ्यता संग्रहालय के निदेशक तैयब अब्बास ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत केवल अतीत का दस्तावेज नहीं है, बल्कि भविष्य निर्माण की एक महत्वपूर्ण शक्ति भी है। उनके अनुसार, सभ्यताओं के बीच संवाद विश्व शांति और सतत विकास हासिल करने का अहम माध्यम है।

उन्होंने कहा कि मिस्र और चीन ने आपसी सम्मान के आधार पर सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाया है और आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सकारात्मक उदाहरण पेश किया है।

मिस्र-चीन मैत्री संघ के परिषद सदस्य अब्देल-फत्ताह इज्जिद्दीन ने कहा कि वह कई बार हांगचो जा चुके हैं। उनके अनुसार, हांगचो और काहिरा दोनों ही प्राचीन शहर गहरी ऐतिहासिक विरासत और ऐतिहासिक जुड़ाव को दर्शाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन दोनों मित्र देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग और जन-आदान-प्रदान को नए आयाम देगा।

चीन के संचार विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक विकास और संचार संस्थान के डीन प्रोफेसर श्योंग छेंगयू ने कहा कि प्राचीन राजधानियों के बीच संवाद सभ्यताओं के पारस्परिक आदान-प्रदान और सीखने का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मिस्र और चीन को मिलकर प्राचीन और आधुनिक सभ्यताओं के सह-अस्तित्व तथा साझा समृद्धि के विकास मार्ग की खोज करनी चाहिए, ताकि प्राचीन राजधानियों की सभ्यता नए युग में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ सके।

इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन चीन के संचार विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक विकास और संचार संस्थान तथा मिस्र के राष्ट्रीय सभ्यता संग्रहालय द्वारा किया गया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

Advertisement
Author Image

Advertisement
Advertisement
×