मेटे फ्रेडरिक्सन तीसरी बार बनीं डेनमार्क की पीएम, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। मेटे फ्रेडरिक्सन लगातार तीसरी बार डेनमार्क की पीएम बनी हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच मजबूत और दीर्घकालिक संबंध और घनिष्ठ होंगे।
पीएम मोदी ने आधिकारिक एक्स हैंडल से उन्हें शुभकामनाएं दीं। लिखा, "अपनी मित्र फ्रेडरिक्सन को डेनमार्क की प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीसरी बार पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई देता हूं।"
भारत के प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि संबंधों से दोनों ओर के लोगों को फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा, "भारत और डेनमार्क के बीच संबंध आपसी विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सतत विकास के प्रति समान प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग रहा है, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान की है।"
पीएम ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच "ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" को और मजबूत किया जा सकेगा। यह साझेदारी स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकी, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है।
संदेश में यह भी कहा गया कि भारत डेनमार्क के साथ मिलकर सहयोग के नए अवसरों को विकसित करने और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक है। दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग न केवल आर्थिक और तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
भारत और डेनमार्क ने हाल के वर्षों में हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन, शहरी विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों का प्रमुख आधार बनी रहेगी।
हाल ही में (19 मई) पीएम मोदी पांच देशों की यात्रा के दौरान फ्रेडरिक्सन से ओस्लो में मिले थे। इस दौरान उन्होंने डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर हुई इस बैठक की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत हुई प्रगति का स्वागत किया, जिसमें पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग और दोनों देशों में हरित परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयासों को प्राथमिकता दी गई है।"
दोनों ने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों, संचार, उन्नत शोध, स्टार्टअप और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग को और मजबूत करने का भी फैसला किया।
उन्होंने रक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा की। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने डेनमार्क की कंपनियों को गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी यानी गिफ्ट सिटी में अपनी मौजूदगी स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया था।
--आईएएनएस
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