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वाह रोहिणी ब्रांच - अब दिवाली है

हर रविवार को शाम 3 बजे से 4 बजे तक देश की सभी ब्रांचों में से एक ब्रांच अपने वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की फेसबुक पर प्रोग्राम देती है, जिससे सबका मनोरंजन भी होता है, तैयारी और कार्यक्रम को देखकर समय का सदुपयोग भी होता है।
वाह रोहिणी ब्रांच - अब दिवाली है
तू खुद की खोज में निकल
तू किसलिए हताश है
तू चल तेरे वजूद की समय
को भी तलाश है
हर रविवार को शाम 3 बजे से 4 बजे तक देश की सभी ब्रांचों में से एक ब्रांच अपने वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की फेसबुक पर प्रोग्राम देती है, जिससे सबका मनोरंजन भी होता है, तैयारी और कार्यक्रम को देखकर समय का सदुपयोग भी होता है। वह व्यस्त और मस्त रहते हैं और अपने बचपन तथा जवानी में लौट आते हैं। जो पंक्तियां मैंने शुरू में लिखीं वो रोहिणी ब्रांच की बड़ी ग्रेसफुल सदस्य वेदप्रभा जी के द्वारा बोली गई। सही मायने में रोहिणी ब्रांच के सभी सदस्यों ने कमाल कर दी है। कहते हैं रोहिणी में बुद्धिजीवि, रिटायर्ड तथा पढ़े-लिखे लोग रहते हैं और दिल्ली के जद्दी अमीर लोग चांदनी चौक और सदर से रोहिणी में शिफ्ट हुए हैं, जो अपने आप में क्लास है, जिनकी लियाकत देखने वाली होती है। वह संस्कारी हैं, पढ़े-लिखे हैं। कुल मिलाकर रोहिणी के लोग दिल्ली के टॉप क्लास हैं। 
ब्रांच सदस्य श्री पी.डी. अग्रवाल के नेतृत्व और डी.सी. खन्ना जी की मेहनत से बहुत आगे बढ़ रही है। हर कार्यक्रम में उनकी सहभागिता देखने लायक है। इस ब्रांच के आर्य कपल तो डांस प्रतियोगिता के प्लेटिनम कपल हैं और निम्मी भी सरोज खान का अवार्ड जीत चुकी हैं। साधना आर्य जी और राजेन्द्र आर्य जी की डांस परर्फोमेंस जब-जब देखती हूं तब-तब उनमें नया उत्साह पाती हूं। इस बार तो साधना जी की नीली साड़ी और आर्य जी की टाई वाली शर्ट गजब ढहा रही थी और मुझे देख कर खुशी हो रही थी। इस बहाने वह तैयार कितना अच्छा होते हैं। 
ऊषा शर्मा जी, शशि मेहता, संतोष जी ने कतां प्रीतां नाल चरखा चनन दा से पुराने लेडी संगीत की याद दिला दी और शशि मेहता जी के साथ जब उनका पोता डांस कर रहा था तो उसका आनंद ही कुछ और था। बहुत ही क्यूट परर्फोमेंस थी। राय चंद जैन, मीरा मदान, विजय कुमारी पहूजा, सुमन बत्रा, रेणू और पवन शर्मा जी के गाने का अंदाज और ट्यून बहुत ही अच्छी थी। सुनीता सेठी, कलावती और सरोज बाला ने भी अच्छा गाया। कृष्णा कुमारी दहिया जी तो नरेला ब्रांच से है। शायद उन्होंने गैस्ट प्रस्तुति दी है।
 के.के. सूदन जी की आवाज और शायरी बहुत ही अच्छी थी। कमाल की प्रस्तुति थी। साहिल की तमन्ना है जिनको...वाह क्या बात थी। सुधा अरोड़ा जी भजन बहुत ही अच्छा गाती हैं, परन्तु मैं उनके चेहरे पर मुस्कान और हंसी, खुशी देखना चाहती हूं। आशा करती हूं कि जब  वह अगली बार गाएंगी तो मुस्कुराती हुई गाएंगी।
अब दीवाली है। मेरी सभी देश के वरिष्ठ नागरिकों से प्रार्थना है कि वह घरों में रहें तथा प्यार और स्नेह सम्मान के दीपक जलाएं, पूजा करें, बिल्कुल भी घरों से बाहर न निकलें। एक तो कोरोना ऊपर से पॉल्यूशन इतना है कि बीमार होने का बहुत डर है, इसलिए सभी स्टे होम, स्टे सेफ।
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