यमुना सफाई समिति ने निगरानी समिति भंग करने के UP सरकार के आदेश पर सवाल उठाए

यमुना सफाई पर निगरानी समिति को भंग करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए एक समिति ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से इस बारे में फैसला करने को कहा कि राज्य का 14 जून का आदेश लागू होने योग्य है या नहीं। 

यमुना निगरानी समिति ने अधिकरण से कहा कि उसने 24 जून को उत्तर प्रदेश के शहरी विकास, पर्यावरण एवं सिंचाई के प्रधान सचिवों के साथ समीक्षा बैठक तय की थी। 

समिति ने कहा कि निगरानी समिति उस समय आश्चर्यचकित रह गई जब उत्तर प्रदेश के अवर सचिव की तरफ से 20 जून को ईमेल मिला जिसमें जानकारी दी गई कि यमुना की निगरानी समिति को 14 जून के एक सरकारी आदेश में खत्म कर दिया गया। 

समिति ने कहा कि उन्हें बताया गया कि इसलिए समिति द्वारा बुलाई गई बैठक में राज्य के अधिकारियों की सहभागिता कानूनन वैध नहीं है। 

दो सदस्यीय समिति ने अधिकरण से कहा कि इस बात की जांच की जाए कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा पारित आदेश लागू होने योग्य है या नहीं। 
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