यशवंत सिन्हा ने 22 से 25 नवंबर तक कश्मीर यात्रा की घोषणा की

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद क्षेत्र के जमीनी हालात का आकलन करने के लिए नागरिक समाज का एक समूह 22 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर जाएगा, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा भी शामिल हैं। 

सिन्हा ने कहा कि ‘कंसर्न्ड सिटीजन ग्रुप’ के सदस्य 25 नवंबर को लौट आएंगे और फिर क्षेत्र के जमीनी हालात पर अपनी रिपोर्ट जारी करेंगे। 

उन्होंने कहा कि समूह ने सितंबर में भी घाटी का दौरा किया था। हालांकि अधिकारियों ने उन्हें श्रीनगर हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया और दिल्ली लौटने पर मजबूर किया जबकि समूह के अन्य सदस्यों को बाहर जाने की अनुमति दी गई थी। 

समूह के अन्य सदस्यों में पूर्व नौकरशाह वजाहत हबीबुल्लाह, पत्रकार भारत भूषण और सामाजिक कार्यकर्ता कपिल काक और सुशोभा बार्वे शामिल हैं। 

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को रद्द करने के अपने फैसले की घोषणा की थी और साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के लिए कानून लेकर आयी थी। 

राज्यसभा में उसी दिन इस विधेयक को पारित कर दिया गया, जबकि लोकसभा में अगले दिन इसे पारित किया गया। 

सरकार ने तब एहतियात के तौर पर सुरक्षा और संचार संबंधी प्रतिबंध लगा दिए थे, जिनमें से अधिकांश प्रतिबंधों को हटा लिया गया है, हालांकि इंटरनेट पर पाबंदी अब भी लगी हुई है। 
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