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PF घोटाला मामले में UP सरकार पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है : कांग्रेस

PF घोटाला मामले में UP सरकार पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है : कांग्रेस
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार को बिजली विभाग के डीएचएफएल से जुड़े पीएफ घोटाला मामले में स्पष्ट रूप से कोई कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि इस सरकार में हिम्मत ही नही है कि डीएचएफएल घोटाले में जिसमें सरकार स्वंय फंसी है, उसकी सीबीआई से जांच का सामना कर सकें । 

उप्र कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार सिंह लल्लू द्वारा शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उप्र सरकार के बिजली विभाग के कर्मचारियों के पीएफ घोटाले पर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा, ''उप्र सरकार को डीएचएफएल के मामले में स्पष्ट रूप से कोई कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे है। जिनकी जिम्मेदारी थी जिनकी जवाबदेही थी, जिन लोगों के समय धन का निवेश हुआ था उन लोगो के खिलाफ इस सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नही की है।'' 

उन्होंने कहा कि दस करोड़ रूपए इस कंपनी ने इस सरकार को चंदा दिया था। इसके बारे में स्पष्ट रूप से पूर्व में इन्हीं के मंत्री ने बयान देकर माना था कि दस करोड. रूपया चंदा के रूप में मिला था। ऐसी कंपनी जिस कंपनी का काम मीडिया में छपा है कि इसके तार ऐसे लोगो से जुड़े हैं जो आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं। यह सुरक्षा का भी बड़ा मामला है । सदन की कार्यवाही में कांग्रेस पार्टी इस मुददे को मजबूती के साथ उठायेंगी । 

लल्लू ने कहा '' यह सरकार केवल दावे करने में विश्वास करती है, कौन सी ऐसी मजबूरी है कि अभी तक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नही हुई, कौन सी ऐसी मजबूरी है कि ऊर्जा मंत्री को अब तक बर्खास्त नही किया गया। निश्चित रूप से सरकार हीला हवाली का काम कर रही है । इस सरकार द्वारा डीएचएफएल मामले में सीबीआई जांच को लेकर जो प्रस्ताव भेजा गया है मैं समझता हूं कि वह भी भारत सरकार से वापस आने वाला है। इस सरकार में हिम्मत ही नही है कि डीएचएफएल घोटाले में जिसमें सरकार स्वंय फंसी है उसकी सीबीआई से जांच का सामना कर सकें ।'' 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में डेंगू महामारी की तरह फैल रहा है लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नही दे रही है । योगी सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है । उन्होंने दावा किया कि अकेले कानपुर में ही इस बीमारी से मरने वालो का आंकड़ा सौ पार कर चुका है । 

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने डेंगू से मरने वाले मरीजों के परिवारों को 25 लाख रूपये मुआवजा दिये जाने का निर्देश दिये है साथ ही सभी जिलाधिकारियों को डेंगू से रोकथाम के लिए समस्त आवश्यक उपाय और इसकी निगरानी करने का जो आदेश दिया है वह प्रदेश सरकार तत्काल सुनिश्चित कराये। इसके अलावा डेंगू को महामारी घोषित कर तत्काल प्रभाव से इलाज का बन्दोबस्त नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर आंदोलन करने पर मजबूर हो जायेगी। 

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कानपुर और कानपुर देहात जिलों के ग्रामीण इलाकों का दौरा किया । इसके बाद शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह डेंगू पीड़ित गांव खेड़ा मऊ, सरैया दस्तरखान, बरनपुरवा और पिहानी गांव गये। सिर्फ पिहानी गांव में डेंगू से 17 लोगों की एक महीने के अंदर मौत हुई है और हर घर में दूसरा या तीसरा सदस्य डेंगू से पीड़ित है लेकिन प्रशासन इस पर आंख मूंदे हुए है और आंकड़ों का हेरा फेरी कर रहा है। 

उन्होंने प्रशासन मृतकों को डेंगू से पीड़ित नहीं घोषित कर रहा है जबकि इन गांवों में हालत यह है कि डेंगू से हर दूसरे परिवार का एक सदस्य मर रहा है या बीमार है। पिहानी गांव में ममता और प्रियंका एक ही घर की दो लड़कियों की मौत हुई है। मंजू कटियार सहित कुल 17 लोग पिहानी गांव में मरे हैं। मकनपुर, बिल्हौर, देहात और सिंगरौली केा मिलाकर इन जगहों में 130 से 135 लोग डेंगू से मरे हैं लेकिन प्रशासन इसको छुपाने के लिए तमाम तरह से प्रयास कर रहा है। यहां तक कि प्रशासन द्वारा डेंगू से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार व कीट भी उपलब्ध नहीं करा रहा है। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जुलाई से सितम्बर तक भारतीय चिकित्सा परिषद के आंकड़े के अनुसार 792 मरीज डेंगू से पीड़ित पाये गये जबकि अक्टूबर और नवम्बर का आंकड़े के बारे में अभी तक पता नहीं है। लखनऊ में 500, कानपुर में 700 और इलाहाबाद में 325 डेंगू के मरीज के केसेज माह जुलाई से अक्टूबर तक आ चुके हैं। 
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