+

गलवान संघर्ष के 8 महीने बाद पहली बार चीन ने कबूली अपने सैनिकों के मरने की बात

भारत बनाम चीन के बीच सीमा विवाद का मसला अब धीरे- धीरे सुलझता दिख रहा है। वहीं चीन ने पहली बार औपचारिक तौर पर यह कबूल किया है कि गलवान घाटी के खूनी संघर्ष में उनके भी सैनिक मारे गए थे।
गलवान संघर्ष के 8 महीने बाद पहली बार चीन ने कबूली अपने सैनिकों के मरने की बात
भारत बनाम चीन के बीच सीमा विवाद का मसला अब धीरे- धीरे सुलझता दिख रहा है। वहीं चीन ने पहली बार औपचारिक तौर पर यह कबूल किया है कि गलवान घाटी के खूनी संघर्ष में उनके भी सैनिक मारे गए थे। चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी ने संघर्ष के बाद पहली बार मारे गए अपने सैनिकों की संख्‍या का ऐलान किया है। चीनी सेना ने दावा किया है कि गलवान घाटी के खूनी संघर्ष में उसके 5 सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन के कबूलनामे का यह आंकड़ा काफी कम है, क्योंकि भारत समेत दुनियाभर के कई एजेंसियों ने इसका आंकड़ा काफी अधिक बताया था। बता दें कि पिछले साल जून महीने में हुए गलवान संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। 
चीन ने भले ही अपने सैनिकों की संख्या को संघर्ष के कई महीनों बाद कबूल किया है, लेकिन अब भी उसने सच नहीं बताया है। क्योंकि जिस तरह की रिपोर्ट देश-विदेश से आईं, उसमें चीनी सैनिकों के बड़ी संख्या में हताहत होने की बात कही जा रही थी। साथ ही भारत ने भी दावा किया था कि चीन के करीब 40 से अधिक सैनिक गलवान संघर्ष में मारे गए थे। इतना ही नहीं, हाल ही में रूसी सामाचार एजेंसी TASS ने यह दावा किया कि 15 जून को गलवान घाटी झड़प में कम से कम 45 चीनी सैनिक मारे गए थे। इससे पहले भी कई रिपोर्ट में ऐसे खुलासे हुए थे। मगर चीन ने तब तक आधिकारिक तौर पर अपने सैनिकों के मरने की बात को नहीं माना था। 
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग ने काराकोरम पर्वत पर तैनात रहे 5 चीनी सैनिकों के बलिदान को याद किया है और सम्मानित भी किया है। इसके साथ ही चीन ने अपने मारे गए सैनिकों का नामा भी सांझा किया है, जो यह हैं-  पीएलए शिनजियांग मिलिट्री कमांड के रेजीमेंटल कमांडर क्यूई फबाओ, चेन होंगुन, जियानगॉन्ग, जिओ सियुआन और वांग ज़ुओरन। 
facebook twitter instagram