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मुख्यमंत्री से ना तो स्वास्थ्य व्यवस्था संभल रही है और न हीं कानून व्यवस्था : अखिलेश

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि यूपी का पूरा सरकारी तंत्र कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाने की जगह संक्रमण से हो रही मौतों और अस्पतालों के कुप्रबंधन को छुपाने में लगा हुआ है।
मुख्यमंत्री से ना तो स्वास्थ्य व्यवस्था संभल रही है और न हीं कानून व्यवस्था : अखिलेश
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमलावर है। पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि यूपी का पूरा सरकारी तंत्र कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाने की जगह संक्रमण से हो रही मौतों और अस्पतालों के कुप्रबंधन को छुपाने में लगा हुआ है।
सपा अध्यक्ष लगातार राज्य की बीजेपी सरकार पर आरोपों की बौछार कर रहे हैं। पार्टी द्वारा शनिवार को जारी बयान के अनुसार, अखिलेश ने कहा कि सच तो यह है कि कोरोना प्रबंधन से ध्यान हटाकर अब नाकामी छुपाने के लिए सिर्फ गुमराह करने वाली चालें चली जा रही हैं। बीजेपी झूठ बोलने का पाप कर रही है, उसने अपना सारा समय सपा सरकार के पांच साल के कामों पर पानी फेरने और अपनी नाम पट्टी लगाने में बिताया है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि जब उत्तर प्रदेश में संक्रमण फैल रहा था तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टार प्रचारक बनकर दुसरे राज्यों में घूम रहे थे, अगर समय रहते सरकार ने चिकित्सा व्यवस्था पर ध्यान दिया होता तो संक्रमण गांवों तक नहीं पहुंचता और इतने लोगों की मौत नहीं होती। बयान के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व ने इस कहावत को चरितार्थ किया है कि ‘‘मुख्यमंत्री घोड़े बेचकर देशाटन पर चले गए’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मुख्यमंत्री से ना तो स्वास्थ्य व्यवस्था संभल रही है और न हीं कानून व्यवस्था। उन्होंने पंचायत चुनावों के साथ कोरोना की महामारी भी गाँव-गाँव, घर-घर पहुंचा दी है। इन तमाम मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है? राजभवन को इसका संज्ञान लेने में अब और देर नहीं करनी चाहिए।’’
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