झारखंड के खनिज ही नहीं बल्कि यहाँ के लोगों की प्रतिभा भी अमूल्य : राष्ट्रपति कोविंद

रांची : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद झारखण्ड दौरे पर हैं उन्होंने रांची विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षान्त समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि झारखण्ड सिर्फ अपने खनिजों के भण्डार के लिए ही नहीं बल्कि यहाँ की मानवीय प्रतिभा के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने आगे सम्बोधित करते हुए कहा यहीं से परमवीर चक्र विजेता शहीद एल्बर्ट एक्का, क्रिकेट की दुनिया के अनमोल हीरे महेन्द्र सिंह धोनी, हॉकी टीम के कप्तान जयपाल सिंह मुंडा और तीरंदाज दीपिका कुमारी जैसी विश्व प्रतिभाएं निकली हैं। 

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि ‘‘झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से भरापूरा है। यह न सिर्फ खनिज संपदा में पूरे विश्व में धनी है बल्कि उसने अपने मानव संसाधन के लिए भी समस्त विश्व में यश कमाया है।’’ कोविंद ने कहा कि पूरे देश की चालीस प्रतिशत खनिज संपदा केवल झारखंड में है साथ ही यहां अप्रतिम शौर्य के धनी परमवीर चक्र विजेता शहीद एल्बर्ट एक्का और विश्व क्रिकेट में अपना लोहा मनवाने वाले महेन्द्र सिंह धोनी ने भी जन्म लिया। इतना ही नहीं 1928 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हाकी टीम के कप्तान जयपाल सिंह मुंडा भी यहीं की मिट्टी के सपूत थे। 

उन्होंने कहा कि आज दुनिया में तीरंदाजी में नाम कमाने वाली दीपिका कुमारी भी यहीं की बेटी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेते हुए झारखंड के आदिवासी समाज से भी प्रकृति के साथ सामंजस्य का जीवन जीने के लिए बहुत कुछ सीखना होगा।’’ उन्होंने गुमला में विकास भारती नामक गैर सरकारी संस्था द्वारा आदिवासी लोगों के समग्र विकास के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमों की प्रशंसा की और कहा कि मौसम खराब होने से कल वह वहां नहीं जा सके थे लेकिन भविष्य में जरूर जाएंगे। कोविंद ने छात्रों का आह्वान किया, ‘‘केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा लायी गयी योजनाओं के अवसरों का उपयोग करें और बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले बनें।’’ 

उन्होंने राज्य की बेटियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों के प्रदर्शन में भारत का भविष्य झलकता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि आज रांची विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में कुल 56 स्वर्ण पदक विजेताओं में 47 बेटियां और सिर्फ नौ बेटे हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह आंकड़े बताते हैं कि देश की बेटियों में जबर्दस्त क्षमता है। बेटों की तुलना में पांच गुना से अधिक बेटियों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। यह आंकड़े आने वाले भविष्य का द्योतक है।’’ उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आगामी 150वीं जयन्ती का उल्लेख करते हुए युवाओं का आह्वान किया, ‘‘आप किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहें और विषेषकर ई-सिगरेट का कतई उपयोग न करें क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए भारी हानिकारक है। इसीलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनुशंसा पर इस पर पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।’’ 

Tags : Badrinath,चारधाम यात्रा,बद्रीनाथ,हिमपात,Snow,भीषण ठंड,Kedarnath Dham,केदारनाथ धाम,Chardham Yatra,Gruzing cold ,Kovind,Jharkhand,talent,daughters,convocation ceremony,gold medal winners,sons,Ranchi University