Rishi Panchami Aarti: “ऋषिवर पूज्य हमारे,मुद मंगल दाता…” ऋषि पंचमी पर करें ये आरती
Rishi Panchami Aarti: आज ऋषि पंचमी का पावन पर्व पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष दिन श्रद्धालु अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए सप्तर्षियों की विधिपूर्वक पूजा करते हैं। यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों रखते हैं। कई स्थानों पर यह मान्यता है (Rishi Panchami 2025) कि महिलाएं संतान सुख, वैवाहिक जीवन की सुख-शांति और घर में समृद्धि की कामना से यह व्रत विशेष रूप से करती हैं। सप्तर्षियों की पूजा कर वे उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि ऋषि पंचमी की पूजा के दौरान कौन सी (Aarti Hindi) आरती गाई जाती है।
ऋषि पंचमी आरती (Rishi Panchami Aarti)
श्री हरि हर गुरु गणपति , सबहु धरि ध्यान।
मुनि मंडल श्रृंगार युक्त, श्री गौतम करहुँ बखान।। ॐ जय
गौतम त्राता , स्वामी जी गौतम त्राता ।
ऋषिवर पूज्य हमारे ,मुद मंगल दाता।। ॐ जय।।
द्विज कुल कमल दिवाकर , परम् न्याय कारी।
जग कल्याण करन हित, न्याय रच्यौ भारी।। ॐ जय।।
पिप्लाद सूत शिष्य आपके, सब आदर्श भये।
वेद शास्त्र दर्शन में, पूर्ण कुशल हुए।।ॐ जय।।
गुर्जर करण नरेश विनय पर तुम पुष्कर आये ।
सभी शिष्य सुतगण को, अपने संग लाये।।ॐ जय।।
अनावृष्टि के कारण संकट आन पड्यो ।
भगवान आप दया करी, सबको कष्ट हरयो।।ॐ जय।।
पुत्र प्राप्ति हेतु , भूप के यज्ञ कियो।
यज्ञ देव के आशीष से , सुत को जन्म भयो।।ॐ जय।।
भूप मनोरथ पूर्ण करके , चिंता दूर करी।
प्रेतराज पामर की , निर्मल देह करी।।ॐ जय।।
ऋषिवर अक्षपाद की आरती ,जो कोई नर गावे।
ऋषि की पूर्ण कृपा से , मनोवांछित फल पावे ।।ॐ जय।।